समंदर की गोद में: हा लौंग बे की यात्रा

172 कि.मी. का लंबा सफ़र। तिस पर ठंड से थर-थर काँपती देह, कॉफ़ी और ब्रेड से पेट आधा-अधूरा भरा, और पाँच-छह रातों की अधूरी नींद लिए हम सारे। फिर भी मन उत्सुक था – हम हा लौंग बे जा रहे थे। पीछे छूट रहा था हनोई, वियतनाम की राजधानी जहां हम दो हफ़्तों के लिए … Read more

हनोई में ट्रैफिक की समस्या

वियतनाम में ट्रैफिक की बहुत बड़ी समस्या है। यहाँ की सड़कें वाहनों से खचाखच भरी रहती है। ऐसे में मोटरबाइक बहुत माकूल रहती है। मोटरबाइक को आसानी से गाड़ियों के बीच से निकाला जा सकता है, और आवश्यकता होने पर यह सड़क के किनारे की पटरी पर भी चलाई जा सकता है। वियतनाम में मोटरबाइक … Read more

शाकाहारी भोजन: एक चुनौती

वियतनाम में आसानी से नहीं मिलता हमारा शुद्ध-शाकाहारी, निरामिष भोजन। इसकी अनुपलब्धता ने मुझे और मेरे साथियों को बार-बार सांस्कृतिक भिन्नताओं का स्मरण कराया। दरअसल पूरी यात्रा के दौरान, भोजन-क्रिया संवाद का एक प्रमुख विषय बना रहा। हम सब अपनी भिन्न-भिन्न प्रंपराएँ लेकर आए थे। हमारे ग्रुप में मेरे अतिरिक्त एक अन्य साथी शाकाहारी था, … Read more

हनोई: भाषा, समाज, संस्कृति

कुछ यात्राएँ हम तय करते हैं, और कुछ हमारे लिए तय की जाती है। हनोई की यात्रा मेरे जीवन की सबसे अप्रत्याशित यात्रा थी। अपने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस यात्रा में मेरा आवंटन किया गया था, जबकि मैंने अपने आवेदन में हनोई के शहर को नहीं चुना था। विडंबना यह है कि हनोई की यात्रा … Read more

बाताम की यात्रा

सुबह से आया हुआ भयंकर तूफ़ान, सड़क पर कीचड़ और हमारे ढेर सारे बैग। यह दृश्य भी देखने लायक था। दरअसल बाताम पहुँचने पर हमारी यही स्थिति थी। सवेरे सात बजे मैं परिवार-सहित बाताम की यात्रा पर रवाना हुई थी। फेरी के द्वारा हमने एक घंटे की सीमा में सिंगापुर से बातम की दूरी तय … Read more